Home > उर्वरक संप्रभुताः कैसे घटेगी आयात पर निर्भरता > Volume 3, Issue 3

बदल रही एग्रीफूडटेक में निवेश की तस्वीर

फूड डिलीवरी से आगे अब निवेशकों की नजर कृषि उत्पादकता, जलवायु लचीलापन और डीपटेक समाधानों पर

1779172629.png Logo

एस.के. सिंह

एग्रीटेक क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर निवेश की प्राथमिकताओं में बड़ा बदलाव आ रहा है। निवेशक केवल तेज वृद्धि के बजाय वैज्ञानिक इनोवेशन, टिकाऊ बिजनेस मॉडल, खाद्य सुरक्षा, जलवायु के प्रति लचीलापन तथा कृषि उत्पादकता जैसी चुनौतियों का समाधान करने वाली तकनीकों पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। फूड डिलीवरी और ई-ग्रॉसरी के स्थान पर डीपटेक, क्लाइमेट टेक, जैव प्रौद्योगिकी, जैविक इनपुट और प्रिसीजन एग्रीकल्चर निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं।

 

एगफंडर की ग्लोबल एग्रीफूडटेक इनवेस्टमेंट रिपोर्ट 2026 के अनुसार, वर्ष 2025 में वैश्विक स्तर पर एग्रीफूडटेक क्षेत्र में 16.2 अरब डॉलर का निवेश हुआ जो 2024 की तुलना में 3 प्रतिशत कम है। भारत 2.2 अरब डॉलर के निवेश के साथ अमेरिका के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गंतव्य रहा। अमेरिका में 5.9 अरब डॉलर का निवेश हुआ। भारत का निवेश पिछले वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत कम होने के बावजूद यह कई विकसित और उभरते देशों से काफी आगे रहा। चीन 1.2 अरब डॉलर के साथ तीसरे स्थान पर रहा, जबकि नीदरलैंड और ब्रिटेन क्रमशः 90.2 करोड़ डॉलर और 68.5 करोड़ डॉलर के निवेश के साथ चौथे और पांचवें स्थान पर रहे।

 

 

विकासशील देशों की शीर्ष फंडिंग वाली कंपनियों की सूची में कई भारतीय कंपनियां शामिल रहीं। भारत की ई-ग्रॉसरी कंपनी जेप्टो ने 2025 में 45 करोड़ डॉलर जुटाए और दुनिया की सबसे अधिक फंडिंग प्राप्त करने वाली एग्रीफूडटेक कंपनियों में शामिल रही। किसानों और कृषि मूल्य श्रृंखला को सेवाएं देने वाली एग्री-मार्केटप्लेस एवं फिनटेक कंपनी समुन्नति ने 26.74 करोड़ डॉलर का फंड हासिल किया। यह 2025 का सबसे बड़ा अपस्ट्रीम एग्रीफूडटेक निवेश रहा।

 

निवेश का बदलता परिदृश्य

 

पिछले दस वर्षों में एग्रीफूडटेक सौदों में डीपटेक की हिस्सेदारी 22 प्रतिशत से बढ़कर 32 प्रतिशत हो गई है। हालांकि बड़े निवेशक अब भी सतर्क हैं। पिछले वर्ष किसी भी डीपटेक कंपनी में 20 करोड़ डॉलर से अधिक का निवेश नहीं हुआ। जलवायु केंद्रित एग्रीफूडटेक निवेश बढ़कर 3.9 अरब डॉलर पहुंच गया, जो एक वर्ष पहले की तुलना में 39 प्रतिशत अधिक है। वैश्विक स्तर पर बायोएनर्जी और बायोमैटेरियल्स सबसे बड़ा अपस्ट्रीम निवेश क्षेत्र बनकर उभरा, जिसमें 1.8 अरब डॉलर का निवेश हुआ। वहीं एग्री-मार्केटप्लेस और फिनटेक प्लेटफॉर्म भी निवेशकों के प्रमुख आकर्षण बने रहे। 

 

अपस्ट्रीम एग्रीफूडटेक स्टार्टअप्स ने 2025 में 9 अरब डॉलर जुटाए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7 प्रतिशत अधिक है, जबकि सौदों की संख्या 12 प्रतिशत घटी है। इसका अर्थ है कि निवेशक कम कंपनियों में निवेश कर रहे हैं, लेकिन मजबूत तकनीक और स्पष्ट व्यावसायिक संभावनाओं वाली कंपनियों में अधिक पूंजी लगा रहे हैं।

 

वैश्विक एग्रीफूडटेक निवेश 2021 के रिकॉर्ड स्तर से नीचे है, लेकिन उद्योग में स्थिरता के संकेत दिखाई दे रहे हैं। निवेशक अब कम कंपनियों में निवेश कर रहे हैं, लेकिन उन बिजनेस को प्राथमिकता दे रहे हैं जिनके पास मजबूत तकनीकी क्षमता और स्पष्ट व्यावसायिक मॉडल हैं। 2024 में 2,312 सौदों की तुलना में 2025 में कुल सौदों की संख्या घटकर 2,031 रह गई, लेकिन औसत सौदे का आकार लगभग 7 प्रतिशत बढ़ गया।

 

कुल फंडिंग में वार्षिक गिरावट के बावजूद भारत वैश्विक एग्रीफूडटेक इनोवेशन का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। बड़े निवेश सौदों, तेजी से बढ़ते स्टार्टअप और कृषि, खाद्य सुरक्षा तथा जलवायु चुनौतियों के समाधान की जरूरतों को देखते हुए भारत आने वाले वर्षों में भी वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य रह सकता है।

 


एस.के. सिंह
सलाहकार संपादक

RNI No: DELBIL/2024/86754 Email: [email protected]