घट रही दूध उत्पादन की वृद्धि दर
वर्ष 2020-21 के बाद भारत की दूध उत्पादन वृद्धि दर में हर साल आ रही गिरावट
अजीत सिंह
दूध उत्पादन में भारत ने एक बार फिर रिकॉर्ड बनाया है। पशुपालन और डेयरी विभाग ने पिछले दिनों पशुपालन के बुनियादी आंकड़े (बेसिक एनिमल हसबैंड्री स्टैटिस्टिक्स 2025) जारी किए। इसके मुताबिक वर्ष 2024-25 में देश में 24.8 करोड़ टन दूध का उत्पादन हुआ। वैसे तो हाल के वर्षों में दूध का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है, लेकिन चिंता की बात यह है कि पिछले चार वर्षों से उत्पादन बढ़ने की दर लगातार घट रही है। पिछले करीब एक दशक के आंकड़े देखें तो वर्ष 2017-18 में दूध उत्पादन बढ़ने की दर 6.62% थी। वर्ष 2020-21 में यह 5.81% पर आई और उसके बाद से हर साल इसमें गिरावट का रुख है। ऐसे में सवाल उठता है कि कृषि में जो गैर-फसली क्षेत्र किसानों की आय बढ़ाने में मददगार हो रहा था, उसकी गति धीमी पड़ने का किसानों की आय पर क्या असर होगा।
हालांकि वैश्विक स्तर पर भारत दूध उत्पादन में पहला स्थान बनाए हुए है। दुनिया का करीब एक-चौथाई दूध उत्पादन भारत ही करता है। दूसरे स्थान पर अमेरिका है जिसकी हिस्सेदारी 10% है। उसके बाद पाकिस्तान (7%), चीन (5%) और ब्राजील (4%) हैं। अंडा उत्पादन में भारत दूसरे और मांस उत्पादन में चौथे स्थान पर है।

प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता 485 ग्राम प्रतिदिन
बेसिक स्टैटिस्टिक्स 2025 के मुताबिक वर्ष 2024-25 में देश में दूध उत्पादन बढ़कर 24.78 करोड़ टन हो गया, जो 2023-24 के 23.93 करोड़ टन की तुलना में 3.58% की वृद्धि है। प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता बढ़कर 485 ग्राम/दिन हो गई है, जो 2014-15 के 319 ग्राम/दिन थी। वैश्विक औसत 329 ग्राम प्रतिदिन का है। ये आंकड़े मार्च 2024 से फरवरी 2025 के बीच कराए गये इंटीग्रेटेड सैंपल सर्वे के परिणामों पर आधारित है।

शीर्ष पांच दूध उत्पादक राज्य मिलकर 54 प्रतिशत से अधिक उत्पादन करते हैं। इनमें उत्तर प्रदेश (15.66%), राजस्थान (14.82%), मध्य प्रदेश (9.12%), गुजरात (7.78%) और महाराष्ट्र (6.71%) शामिल हैं। विदेशी/क्रॉसब्रेड पशुओं से दूध उत्पादन में 4.97%, देसी नस्ल की गायों में 3.51% और भैंसों में 2.45% की वार्षिक वृद्धि दर्ज हुई है।
अंडा उत्पादन बढ़ने की दर भी घटी
वर्ष 2024-25 के दौरान देश में कुल अंडा उत्पादन 14.91 करोड़ रहने का अनुमान है, जो 2023-24 की तुलना में 4.44 फीसदी अधिक है। इसकी वृद्धि दर 2023-24 के 3.18% के मुकाबले तो अधिक है, लेकिन उसे छोड़ दें तो पिछले एक दशक में सबसे कम है। वर्ष 2019-20 में तो अंड़ा उत्पादन बढ़ने की दर 10.19% पर पहुंच गई थी। उसके मुकाबले यह आधी भी नहीं रह गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, प्रति व्यक्ति अंडा उपलब्धता 2014-15 के 62 अंडे प्रति वर्ष से बढ़कर 2024-25 में 106 अंडे प्रति वर्ष हो गई है। मुख्य अंडा उत्पादक राज्यों में आंध्र प्रदेश (18.37%), तमिलनाडु (15.63%), तेलंगाना (12.98%), पश्चिम बंगाल (10.72%) और कर्नाटक (6.67%) शामिल हैं। कुल उत्पादन में कमर्शियल पोल्ट्री का योगदान 12.59 करोड़ (84.49%) और बैकयार्ड पोल्ट्री का 2.31 करोड़ (15.51%) रहा।
मांस उत्पादन सिर्फ 2.46% बढ़ा
देश में कुल मांस उत्पादन वर्ष 2024-25 के दौरान 105 लाख टन रहा। इसमें पिछले वर्ष की तुलना में 2.46% वृद्धि हुई। यह 2020-21 के 2.30% के बाद एक दशक में सबसे कम है। वर्ष 2023-24 में इसमें 4.95% की वृद्धि हुई थी। पोल्ट्री से 51.8 लाख टन मांस उत्पादन हुआ, जो कुल उत्पादन का लगभग आधा है। शीर्ष पांच मांस उत्पादक राज्यों का योगदान 57 प्रतिशत से अधिक था। इनमें पश्चिम बंगाल (12.46%), उत्तर प्रदेश (12.20%), महाराष्ट्र (11.57%), आंध्र प्रदेश (10.84%) और तेलंगाना (10.49%) शामिल हैं।
ऊन उत्पादन
वर्ष 2024-25 में देश का ऊन उत्पादन 3.45 करोड़ किलोग्राम रहा और इसमें 2.63% की वृद्धि दर्ज की गई। इसमें राजस्थान 47.85% हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ा उत्पादक बना हुआ है। अन्य प्रमुख राज्यों में जम्मू-कश्मीर (22.88%), गुजरात (6.22%), महाराष्ट्र (4.75%) और हिमाचल प्रदेश (4.30%) शामिल हैं। ये पांच राज्य मिलकर 85.98% ऊन का उत्पादन करते हैं।
पशुधन कृषि क्षेत्र के सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) में 30% से अधिक और देश के जीवीए में 5.5% योगदान कर रहा है। वर्ष 2024-25 में पशुधन उत्पादों का कुल निर्यात बढ़कर 66,249 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिसमें मुख्य भूमिका मांस उद्योग, विशेषकर बोवाइन मीट की रही। कृषि, वानिकी और मत्स्य क्षेत्र ने 2023-24 में राष्ट्रीय जीवीए में 17.8% योगदान किया। वर्ष 2014-15 से 2023-24 के बीच पशुधन क्षेत्र का जीवीए 195% बढ़ा है जो फसल उत्पादन की तुलना में कहीं अधिक तेज वृद्धि है।
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